मात्रा गणना का सामान्य नियम-
क्रमांक १ - सभी व्यंजन (बिना स्वर के) एक मात्रिक होते हैं
जैसे - क, ख, ग, घ, च, छ, ज, झ, ट ... आदि १ मात्रिक हैं ।
क्रमांक २ - अ, इ, उ स्वर व अनुस्वर चन्द्रबिंदी तथा इनके साथ प्रयुक्त व्यंजन एक मात्रिक होते हैं ।
जैसे - अ, इ, उ, कि, सि, पु, सु हँ आदि एक मात्रिक हैं ।
क्रमांक ३ - आ, ई, ऊ ए ऐ ओ औ अं स्वर तथा इनके साथ प्रयुक्त व्यंजन दो मात्रिक होते हैं
जैसे -आ, सो, पा, जू, सी, ने, पै, सौ, सं आदि २ मात्रिक...
शुक्रवार, 20 जुलाई 2018
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